देव और ज्योतिन ने फिल्म की कहानी लिखने की जिम्मेदारी भी उठाई है। कहानी और स्क्रीनप्ले इस तरह लिखा है कि मजाल है जो एक सीन पर भी दर्शकों को हंसी आ जाए या मनोरंजन हो जाए।
संजय का रोल छोटा है और पूरी फिल्म में संजय ऐसे नजर आए जैसे काम करने के इच्छुक नहीं हो और उन्हें यह सब जबरदस्ती करना पड़ा हो।
No comments:
Post a Comment