Thursday, June 13, 2013

देव और ज्योतिन ने फिल्म की कहानी लिखने की जिम्मेदारी भी उठाई है। कहानी और स्क्रीनप्ले इस तरह लिखा है कि मजाल है जो एक सीन पर भी दर्शकों को हंसी आ जाए या मनोरंजन हो जाए। 
संजय का रोल छोटा है और पूरी फिल्म में संजय ऐसे नजर आए ‍जैसे काम करने के इच्छुक नहीं हो और उन्हें यह सब जबरदस्ती करना पड़ा हो।

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